तुम अब मेरे साथ नहीं हो, पर अजीब सी बात है ये, कि हर सुबह की पहली सांस में, अब भी तुम्हारा ही नाम होता है…
रात जब चुपके से उतरती है, और खामोशी दिल को घेर लेती है, तब यादों के उस पुराने दरवाज़े से, तुम फिर से चले आते हो…
ना कोई आहट, ना कोई दस्तक, बस एहसास बनकर, मेरे आसपास बिखर जाते हो…
वो बातें जो अधूरी रह गई थीं, वो हँसी जो कहीं खो गई थी, सब कुछ जैसे ठहर सा जाता है, जब तुम्हारी यादें दस्तक देती हैं…
कभी तुम्हारी आँखों में जो सुकून था, आज वही मेरी बेचैनी बन गया है, तुम्हारी एक झलक जो कभी जिंदगी थी, आज वही मेरी तन्हाई का कारण बन गया है…
तुम्हारे साथ बिताए वो पल, अब भी मेरे अंदर जिंदा हैं, जैसे किसी किताब के पन्नों में, पुरानी खुशबू बस जाती है…
मैंने बहुत कोशिश की तुम्हें भुलाने की, पर दिल को समझाना आसान नहीं होता, क्योंकि कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जो खत्म होकर भी खत्म नहीं होते....
तुम दूर हो, बहुत दूर, पर मेरे दिल के सबसे करीब भी, ये कैसी दूरी है, जो पास होकर भी दूर कर देती है…
कभी सोचा था साथ चलेंगे उम्र भर, पर रास्ते ही बदल गए कहीं, तुम किसी और की दुनिया में खो गए, और मैं तुम्हारी यादों में ही रह गए…
अब ना कोई शिकायत है, ना कोई गिला तुमसे, बस एक खामोश सी दुआ है, जहाँ भी रहो… खुश रहो…
और अगर कभी याद आऊं मैं, तो बस मुस्कुरा देना, क्योंकि मैंने तुम्हें खोकर भी, तुम्हें ही चाहा है… हमेशा…
तुम अब मेरे साथ नहीं हो, पर सच ये भी है… कि तुम कभी गए ही नहीं…
तुम आज भी हो— मेरी हर धड़कन में, हर खामोशी में, हर अधूरी कहानी में… 💔